पंचतत्वों का संतुलन ही आत्मिक शांति का द्वार है
1. जीवन : प्रकृति और आत्मा का संगम जीवन प्रकृति की गोद में आत्मा की यात्रा है।पंचतत्वों से बना शरीर आत्मा का साधन मात्र है।प्रकृति हमें सिख…
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1. जीवन : प्रकृति और आत्मा का संगम जीवन प्रकृति की गोद में आत्मा की यात्रा है।पंचतत्वों से बना शरीर आत्मा का साधन मात्र है।प्रकृति हमें सिख…
1. ईश्वर प्राप्ति की अंतहीन यात्रा ईश्वर प्राप्ति की राह अत्यंत लंबी और रहस्यमयी है।यह ऐसी यात्रा है जिसका कोई अंतिम पड़ाव दिखाई नहीं देता।…
1. अहंकार का अंधकार संसार में स्वयं को श्रेष्ठ और बलवान माननामनुष्य को अहंकार के अंधकार में ले जाता है।अहंकार में डूबा व्यक्ति ईश्वर को भूल…
1. अज्ञानरूपी अंधकार और दिव्य प्रकाश अंधेरी काली रात्रि में जैसे बिजली की एक क्षणिक चमक सब कुछ प्रकाशित कर देती है,वैसे ही ईश्वर-स्मरण मन क…
1. ईश्वर : जीवन का सबसे निकटतम तत्व जीवन में हमारा सबसे निकटतम तत्व स्वयं ईश्वर ही है।हमारा प्रत्येक श्वास–प्रश्वास उनकी कृपा से ही संचालित…
1. मानवीय शरीर : ईश्वर की अद्भुत रचना हाथ, पाँव, नाक, कान आदि अवयवों से सुसज्जित यह मानव शरीर ईश्वर की अनुपम कृति है।हर अंग अपने आप में पूर…
1. ईश्वर का सर्वव्यापक स्वरूप संसार में जो कुछ भी दृश्यमान है—पर्वत, नदियाँ, वृक्ष, जीव-जंतु और मनुष्य—सब ईश्वर के ही विविध रूप हैं।ईश्वर क…
1. एक ही परम स्रोत की संतान संसार के सभी प्राणी एक ही परम पिता की संतान हैं।भिन्न शरीर और नाम केवल बाहरी पहचान हैं।आत्मा का मूल स्रोत एक ही…