भक्ति का पथ, प्रकृति की शांति में
1. भक्ति का स्वरूप प्रभु भक्ति के अनेक रूप होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति अपनी भावना के अनुसार भक्ति करता है।कोई प्रेम से प्रभु को स्मरण करता…
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1. भक्ति का स्वरूप प्रभु भक्ति के अनेक रूप होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति अपनी भावना के अनुसार भक्ति करता है।कोई प्रेम से प्रभु को स्मरण करता…
1. मानवीय शरीर की अद्भुत संरचना मानवीय शरीर बाहर से साधारण दिखाई देता है, मानो मिट्टी या पुतले से बना हो।परंतु इसके भीतर हड्डियाँ, मांसपेशि…
1. उत्तरदायित्व का दुर्लभ भाव जो लोग मन लगाकर किसी कार्य का उत्तरदायित्व लेते हैं, वही जीवन में अपनी विशेष पहचान बनाते हैं।ऐसे व्यक्तित्व स…
1. भक्ति के रूप अनेक — मार्ग अलग पर लक्ष्य एक भक्ति किसी एक रूप में बंधी नहीं होती; हर साधक अपना मार्ग स्वयं चुनता है।किसी के लिए भक्ति प्र…
1. संसार में दो प्रकार के दुख मानव जीवन में दुख दो प्रकार के होते हैं—(1) साधारण दुख: जो समय के साथ कम हो जाते हैं, जैसे थकान, आर्थिक परेशा…
1. मन में उठने वाली इच्छाओं के विविध रूप मनुष्य के भीतर प्यास, प्रेम, भूख, राग, द्वेष, आकर्षण और विकर्षण जैसे अनेक भाव स्वतः उत्पन्न होते ह…
1. सुमेरु जैसा प्राणतत्व जिस प्रकार माला के दोनों छोर सुमेरु द्वारा जुड़कर एक पूर्ण रूप धारण करते हैं,उसी प्रकार मन और बुद्धि के विचारों को…
1. वायु की तरह अदृश्य, पर जीवन का आधार—प्राण जिस प्रकार वायु बहती है, स्पंदित होती है, हर क्षण जीवन को सहारा देती है, पर दिखाई नहीं देती—उस…