रूद्र महासंघ — परिचय, लक्ष्य एवं उद्देश्य

“रूद्र महासंघ” एक साधना-प्रधान, लोकहितकारी एवं राष्ट्र-निर्माण हेतु समर्पित संस्था है। इसकी स्थापना सावन पूर्णिमा, 11 अगस्त 2022 को सद्गुरु खुमन पोरैतोंन के भक्तों द्वारा वाराणसी में हुई। इस महासंघ के वर्तमान प्रमुख ऋषिकुमार संतोष हैं। महासंघ का मूल लक्ष्य है — “स्वजागरण”, अर्थात् अपनी चेतना का उत्थान। रूद्र महासंघ मानता है कि स्वजागरण कोई कठिन साधना नहीं, बल्कि एक सरल, सटीक और स्थायी मार्ग है, जिसे हर व्यक्ति अपनाकर अपने जीवन को बदल सकता है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए महासंघ चार साधना-स्तंभों पर कार्य करता है — योग, संस्कार, शिक्षा और सेवा। महासंघ के प्रमुख श्री ऋषिकुमार संतोष के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति, आर्थिक समृद्धि और जीवन-उत्थान की जड़ में स्वजागरण ही निहित है। उनका मानना है कि — “स्वजागरण के पथ पर अग्रसर व्यक्ति के जीवन में स्वतः विवेक का उदय होता है और उसके भीतर समरसता और करुणा की भावना जागृत होती है, जो प्रेम के रूप में समाज में प्रकट होती है। इसी प्रेम से न केवल उसका स्वयं का उत्थान होता है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण भी संभव होता है।” जनमानस को स्वजागरण की दिशा में प्रेरित करना और उनके जीवन-पथ का मार्गदर्शन करना ही रूद्र महासंघ का उद्देश्य है।

Rudra Mahasangh Pramukh
रूद्र महासंघ प्रमुख
Rudra Mahasangh Pramukh